29 सितंबर 2014 - 07:27
ईरान के सहयोग के बिना दाइश को ख़त्म करना संभव नहीं।

आयतुल्लाह हाशमी रफसंजानी ने इस ओर इशारा करते हुए कि दाइश के खिलाफ बनाया गया गठबंधन निश्चित रूप से ख़त्म हो जाएगा कहा कि अमेरिका ने ख़ुद स्वीकार किया है कि अगर ईरान मदद न करे तो यह गठबंधन दाइश को समाप्त नहीं कर सकता है।

अबनाः विलायत पोर्टलः ईरान के राष्ट्रीय हितों के पहचान करने वाली काउंसिल तशख़ीसे मसलेहते नेज़ाम के प्रमुख आयतुल्लाह हाशमी रफसंजानी ने कहा है कि ईरान की मदद के बिना अमेरिकी दाइश को खत्म करने की क्षमता नहीं रखते हैं। आयतुल्लाह हाशमी रफसंजानी ने इस ओर इशारा करते हुए कि दाइश के खिलाफ बनाया गया गठबंधन निश्चित रूप से ख़त्म हो जाएगा कहा कि अमेरिका ने ख़ुद स्वीकार किया है कि अगर ईरान मदद न करे तो यह गठबंधन दाइश को समाप्त नहीं कर सकता है। आयतुल्लाह रफसंजानी ने कहा कि केवल बमबारी किसी आतंकी समूह को समाप्त नहीं कर सकती क्योंकि हम इस बात के गवाह हैं कि हाल के कुछ दिनों में दाइश ने तुर्की के सीमावर्ती क्षेत्र कोबानी पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि पिछली रात अमरीकी गठबंधन सैनिकों ने कोबानी के आसपास इस मक़सद से बमबारी की ताकि आतंकवादी शहर पर कब्जा न कर सकें लेकिन शहर के अक्सर क्षेत्रों में आतंकवादी हमला कर रहे हैं। आयतुल्लाह रफसंजानी ने कहा कि खुद पश्चिम वालों ने बताया कि दाइश पर हवाई हमला शुरू होने के समय से विभिन्न देशों से 235 आतंकवादी और आ चुके हैं और केवल हवाई हमलों से उनका सफाया नहीं किया जा सकता है। आयतुल्लाह हाशमी रफसंजानी ने इराक़ की हालिया घटनाओं को बयान करते हुए कहा कि ईरान ने इराक़ के मौजूदा संकट के समाधान के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हाशमी रफ़संजानी ने कहा कि अगर अभी जंग शुरू हो जाए तो महत्वपूर्ण काम ईरानियों के हाथ में होगा लेकिन हम यह नहीं कहते कि हमने सैनिक भेजे हैं लेकिन ईरान के सुझावों व स्ट्रॉटेजी से ही मूसेल और आमिरली शहर को मुक्त कराया जा सका है।